बेसिक पी.जी. कॉलेज में ‘गर्व’ समारोह आयोजित, अभिभावकों का हुआ सम्मान

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:-विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों के त्याग, समर्पण, संस्कार एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने के उद्देश्य से महाविद्यालय में ‘GARV : A Celebration of Proud Parents’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता ने वातावरण को उत्साह, आत्मीयता और गौरव की भावना से परिपूर्ण कर दिया। यह आयोजन विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ उनके पीछे खड़े माता-पिता के अथक परिश्रम, विश्वास और समर्पण को समर्पित रहा। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का संयुक्त रूप से सम्मान कर उनके पारस्परिक स्नेह, विश्वास एवं सहयोग के भाव को अभिव्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमान् एडवोकेट कुलदीप जी शर्मा, सदस्य, राजस्थान बार काउंसिल, जोधपुर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रोफेसर डॉ. श्रीमान् राजेन्द्र कुमार पुरोहित, प्राचार्य, डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर; डॉ. श्रीमान् चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग महाविद्यालय, बीकानेर; तथा डॉ. श्रीमान् धीरज कल्ला, विशिष्ट लोक अभियोजक, साइबर क्राइम कोर्ट ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामजी व्यास, अध्यक्ष, महाविद्यालय प्रबंध समिति ने की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की भावना और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अभिभावकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और विद्यार्थियों की उपलब्धियों में उनके योगदान को सम्मान देने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सफलता के पीछे माता-पिता का विश्वास, परिवार के संस्कार और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन होता है। महाविद्यालय का प्रयास केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। डॉ. पुरोहित ने अभिभावकों से महाविद्यालय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत प्रगति में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब परिवार और शिक्षण संस्थान एक साझा उद्देश्य के साथ कार्य करते हैं, तो विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की संभावनाएँ और अधिक सशक्त हो जाती हैं।
मुख्य अतिथि श्रीमान् एडवोकेट कुलदीप जी शर्मा ने अपने उद्बोधन में अभिभावकों की भूमिका को विद्यार्थियों के जीवन निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता का विश्वास, त्याग और मार्गदर्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों के सपनों और अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए जीवन में ईमानदारी, परिश्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विधि एवं न्याय के क्षेत्र से जुड़े मूल्यों का उल्लेख करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की भावना को महत्वपूर्ण बताया।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. श्रीमान् राजेन्द्र कुमार पुरोहित, प्राचार्य, डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर ने अपने उद्बोधन में शिक्षा को व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक योग्यता अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में विवेक, विनम्रता, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। अभिभावक और शिक्षक मिलकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, निरंतर अध्ययन करने और अपनी उपलब्धियों के साथ विनम्रता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों की सहभागिता को शिक्षण संस्थान की शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण अंग बताया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रीमान् चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग महाविद्यालय, बीकानेर ने अपने उद्बोधन में वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तकनीकी युग में ज्ञान, कौशल, नवाचार और व्यावहारिक दक्षता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने, नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहने और अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी ज्ञान के साथ मानवीय संवेदनाएँ, नैतिकता और सामाजिक सरोकार भी आवश्यक हैं। अभिभावकों का प्रोत्साहन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित करने तथा उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रीमान् धीरज कल्ला, विशिष्ट लोक अभियोजक, साइबर क्राइम कोर्ट ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को डिजिटल युग में जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार रहने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने साइबर सुरक्षा, डिजिटल माध्यमों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा कानून के प्रति सम्मान की भावना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को डिजिटल गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के प्रति सजग रहने और ऑनलाइन व्यवहार में जिम्मेदारी बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ कानूनी जागरूकता और नैतिक जिम्मेदारी का समन्वय विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक बनाने में सहायक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री रामजी व्यास, अध्यक्ष, महाविद्यालय प्रबंध समिति ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक सफलता उसके विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और सामाजिक व्यवहार में भी दिखाई देती है। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थान की साझा भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का विश्वास विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, जबकि शिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को परिवार और शिक्षण संस्थान के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया तथा विद्यार्थियों को अपने माता-पिता के त्याग का सम्मान करते हुए जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित द्वारा अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट कर आभार प्रकट किया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश रहा कि अभिभावकों का सम्मान ही संस्कारों का सम्मान है और विद्यार्थियों की सफलता को सार्थकता तब मिलती है, जब उसमें परिवार का विश्वास, गुरुजनों का मार्गदर्शन तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी भी समाहित हो।




































