तिरुपति घी घोटाले में ईडी का शिकंजा, बीकानेर समेत 15 ठिकानों पर छापेमारी

बीकानेर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) घी मिलावट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जून को बीकानेर सहित देश के विभिन्न शहरों में 15 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई अहिल्यानगर, बीकानेर, देहरादून, दिल्ली, डिंडीगुल, गुंटूर, मुंबई और रुड़की में की गई।

ईडी ने पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्वा विनयकांत चावड़ा, मचिंद्रा शांताराम लंके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय एवं कार्यालय परिसरों की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ईडी ने 60 लाख रुपये नकद जब्त किए। साथ ही जांच में 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों में निवेश का खुलासा हुआ। आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज कई अचल संपत्तियों की जानकारी भी एजेंसी को मिली है।
ईडी की टीम ने डिंडीगुल स्थित ए.आर. डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड, अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड तथा रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी संयंत्रों पर भी कार्रवाई की।
जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अपराध से अर्जित धन को छिपाने और उसके उपयोग के लिए विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के जटिल नेटवर्क का सहारा लिया गया।
ईडी ने यह जांच पीएमएलए, 2002 के तहत दर्ज मामले के आधार पर शुरू की है। आरोप है कि संबंधित कंपनियों और कुछ टीटीडी अधिकारियों की मिलीभगत से मिलावटी घी की आपूर्ति कर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार मिलावटी घी की आपूर्ति से अर्जित धन को बाद में विभिन्न कंपनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। मामले में आगे की जांच जारी है।




































