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पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाडा पहचान की एकरूपता, किसान को मिला अधिकार

नोखा के गाँव स्वरुपसर में किसान अमेदाराम, नैनूराम व पन्नाराम का नाम उनकी ज़मीन की जमाबंदी में दो बार दर्ज था। एक ही व्यक्ति के लिए दो प्रविष्टियों से न केवल दस्तावेजों में भ्रम पैदा हुआ, बल्कि इन किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ा। जानकारी के अभाव में किसानों को कुछ समय तक इन समस्या के बारे में पता नहीं चला। दरअसल, पूर्व में विरासतन नामांतरण दर्ज होने तथा उसके पश्चात विक्रयनामा का नामांतरण दर्ज होने से इन काश्तकारों के नाम की ऑनलाइन दोहरी प्रविष्टि हो गई थी।
कुछ दिन पूर्व अमेदाराम, पटवारी के पास कृषि कार्य से संबंधित जमाबंदी की नकल लेने पहुंचे, तो पटवारी ने उन्हें समस्या के बारे में बताया। साथ ही आगामी दिनों में होने वाले शिविर के दौरान दस्तावेजों को त्रुटिविहीन बनाने का आश्वासन दिया।
ग्राम पंचायत स्वरूपसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविर में अमेदाराम अपने भाइयों के साथ पहुंचे और अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। अधिकारियों ने उसके दस्तावेज़ों को पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उसके नाम को एक रूप में संशोधित कर दिया। काम होने पर किसानों को प्रशासन के प्रति भरोसा ओर मजबूत हुआ। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता एवं सुधार के कारण भूमि से संबंधित योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।‌ उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड में आवेदन किया जा सकता है। अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मुश्किलों का हल शिविरों के माध्यम से तुरंत किया जा रहा है।

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