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बीकानेर का मास्टर विकास प्लान-2043 लागू,गोचर भूमि को लेकर बड़ा फैसला

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर: शहर के समग्र और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने बीकानेर की ‘मास्टर विकास योजना-2043’ को अंतिम रूप से लागू कर दिया है। 17 मार्च 2026 को राजपत्र (गजट) में प्रकाशन के साथ ही यह नई योजना शहर में प्रभावी हो गई है।

गोचर भूमि के संरक्षण पर बड़ा फैसला

इस नए मास्टर प्लान की सबसे अहम और बड़ी बात गोचर (चारागाह) भूमि का संरक्षण है। सरकार ने अपना वादा निभाते हुए नगरीकरण योग्य क्षेत्र में आने वाली गोचर भूमि को सुरक्षित रखने के लिए इसे ‘स्पेशल पेरीफेरी जोन’ (Special Area) में ही रखा है।

  • गायों के लिए आरक्षित: यह जमीन पूरी तरह से गायों के चारे के लिए आरक्षित रहेगी।
  • सख्त हुए नियम: अब इस गोचर भूमि की खरीद-फरोख्त या इसके उपयोग में किसी भी तरह का परिवर्तन (Land Use Change) केवल राज्य सरकार की विशेष स्वीकृति के बाद ही किया जा सकेगा। बीकानेर विकास प्राधिकरण अपने स्तर पर इसमें कोई बदलाव नहीं कर सकेगा।

जनता की 26 आपत्तियों को किया गया पूर्ण स्वीकार

मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने से पहले आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। 27 अगस्त 2025 को इसे 30 दिनों के लिए सार्वजनिक किया गया था, जिसमें कुल 227 बिंदुओं पर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए थे। प्राधिकरण ने इनका निस्तारण करते हुए आवश्यक संशोधन किए हैं:

  • 26 आपत्तियां पूरी तरह से स्वीकार की गईं।
  • 25 आपत्तियों को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया।
  • 136 बिंदुओं पर किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं मानी गई।
  • 40 आपत्तियां अस्वीकार्य पाई गईं।

योजना का घटनाक्रम:

  • 9 मार्च 2026: प्राधिकरण बोर्ड द्वारा मास्टर विकास योजना-2043 को मंजूरी दी गई।
  • 17 मार्च 2026: राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया और इसी दिन से योजना लागू मान ली गई है।

​इस मास्टर प्लान के लागू होने से बीकानेर शहर के आगामी दो दशकों (2043 तक) के विकास को एक नई और स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है।

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