मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लूणकरणसर के विकास ने ली नई करवटः खाद्य मंत्री श्री गोदारापंद्रह करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर ग्रामीणों को दी बड़ी सौगात

THE BIKANER NEWS:बीकानेर, 2 जुलाई। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में रिकाॅर्ड विकास कार्य हुए हैं। आने वाले समय में इनमें और अधिक तेजी लाई जाएगी। लूणकरणसर को शिक्षित और विकसित बनाने में कोई कमी नहीं आने देंगे।

खाद्य मंत्री बुधवार को लूणकरणसर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पंद्रह करोड़ रुपए से अधिक राशि के विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण के दौरान ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
श्री गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में लूणकरणसर के विकास ने नई करवट ली है। आज गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक आधारभूत सुविधाएं पहुंची हैं। गांवों की स्कूलों में संसाधन बढ़े हैं तथा शिक्षा का बेहतरीन वातावरण मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए चिकित्सा केन्द्र खुले हैं। अनेक स्थानों पर नए भवन बनाए जा रहे हैं। इससे प्रत्येक व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुंचने लगी है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के राजस्व सहित अन्य विभागों से जुड़े वर्षों से लंबित कार्य घर बैठे ही हो सकें, इसे ध्यान रखते हुए 24 जून से 9 जुलाई तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। गांव-गांव तक आयोजित होने वाले इन शिविरों में प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर ग्रामीणों को राहत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
मंत्री श्री गोदारा ने आडसर में पांच करोड़ 4 लाख 30 हजार रुपए की लागत से पूर्ण कार्य ग्रामीणों को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यहां 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का शिलान्यास किया। इस कार्य को समयबद्ध करने के निर्देश दिए।
खाद्य मंत्री ने आडसर-रावांसर में 33/11 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया और कहा कि ग्रामीणों द्वारा लम्बे समय से इसकी मांग की जा रही है। इसके पूर्ण होने से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने रावांसर में 225 लाख रुपए की लागत से बनने वाले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन तथा 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं। बेटियों को भी शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध करवाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक व्यवस्था और वातावरण सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आज दूरस्थ सरकारी स्कूलों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। सरकार के यह प्रयास तब सार्थक होंगे, जब हमारे बच्चे पढ़-लिखकर मुकाम हासिल करेंगे।उन्होंने यहां 83 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया।
श्री गोदारा ने नाथूसर में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास तथा ग्राम पंचायत में 1 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। कुजटी में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास तथा 95 लाख की लागत से हुए जल जीवन मिशन के कार्यों का लोकार्पण किया। खारी में 55 लाख रुपए की लागत के उप स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास तथा 185 लाख रुपए के जल जीवन मिशन कार्यों का लोकार्पण भी किया।
इस दौरान श्री गोदारा ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसके क्रियान्वयन को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण के घर में नल से जल पहुंचेगा तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने कहा कि सक्षम अधिकारी इन कार्यों की नियमित माॅनिटरिंग करें और सुनिश्चित किया जाए कि गुणवत्ता से जुड़ी कोई समस्या नहीं हो।
इस दौरान लूणकरणसर प्रधान कानाराम गोदारा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग डॉ. पुखराज साध, अधिशाषी अभियंता गिरधारी सियाग, राजीव दत्ता, उप प्रधान कैलाश सारस्वत, राजा राम झोरड़, अमराराम सियाग, राजूराम धतरवाल, जितेंद्र गोदारा, गोपाल नाथ, हुकमाराम मेघवाल, गोरधन भादू, श्रवण राम मूंड, रेवंतराम डोगीवाल, तेजाराम मेघवाल, त्रिलोक दास स्वामी, हनुमान ज्यानी, भंवरलाल भुनवाल, ओम प्रकाश गोदारा, महेन्द्र सारस्वत, मुरारी बेनीवाल, श्योपत सुथार, रामस्वरुप मेघवाल, बिशन नाथ, छगन लाल, अजमल शेख और गंगदान चारण, परता राम गोदारा, मुरली मेहला, मामराज सुथार, उम्मेद सिंह शेखावत, रामकुमार सारस्वत, भगवानराम गर्ग, जीयाराम नायक और हरकाराम सांसी आदि मौजूद रहे।





































