भीषण सर्दी में परीक्षा, परीक्षार्थियों के आश्रय की हो पुख्ता व्यवस्था

राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 17 से 20 जनवरी तक 14 जिलों में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में प्रदेशभर से लाखों की संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थी शामिल होंगे। कड़ाके की सर्दी के बीच आयोजित हो रही इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की सुरक्षा और आवास व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरतलब है कि अधिकांश परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पूर्व ही परीक्षा केंद्रों वाले जिलों में पहुंचेंगे। ऐसे में ठंड के इस प्रचंड दौर में उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था न होना गंभीर समस्या बन सकता है। सर्दी के कारण यदि कोई परीक्षार्थी बीमार होता है या किसी प्रकार की अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी से राज्य सरकार स्वयं को अलग नहीं कर पाएगी।
सामाजिक संगठनों और अभिभावकों की ओर से मांग की जा रही है कि राज्य सरकार इस दौरान परीक्षार्थियों के लिए सुरक्षित आशियाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। विभिन्न धर्मशालाओं, सामुदायिक भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों को इसके लिए पाबंद किया जाए तथा रियायती दरों पर या निःशुल्क ठहराव की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
परीक्षार्थियों का कहना है कि पहले से ही बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा आर्थिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे में महंगे होटल या निजी आवास लेना उनके लिए संभव नहीं है। यदि सरकार समय रहते ठोस कदम उठाती है तो हजारों युवाओं को राहत मिल सकती है।
अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस गंभीर स्थिति को कितनी संवेदनशीलता से लेते हुए परीक्षार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या कदम उठाती है।



































