BDA का चकगर्बी पर फिर चला ‘पीला पंजा’: भारी विरोध के बाद प्रशासन को हटानी पड़ीं जेसीबी,बड़े आंदोलन की चेतावनी

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर।साल 2025 के अंतिम दिन, बुधवार को बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम एक बार फिर चकगर्बी इलाके में कार्रवाई के लिए पहुंची, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वैशाली नगर कॉलोनी में प्रशासन द्वारा स्थानीय मार्गों को बंद करने और ग्रेवल सड़कों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई, जिसका स्थानीय लोगों ने पुरजोर विरोध किया।
जनता का भारी विरोध और नेताओं का जमावड़ा
कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। मौके पर राधे धायल, संदीप चौधरी, नारायण सिंह, तोलाराम, राजकुमार, राकेश बिश्नोई, भाजपा नेता सतपाल नायक, राकेश रामेश्वर नायक और शंकर नाथ सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भीड़ ने प्रशासन से जवाब-तलब करना शुरू कर दिया। BDA की टीम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची थी, लेकिन लोगों की बड़ी संख्या और आक्रोश को देखते हुए, किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए प्रशासन ने समझदारी दिखाते हुए जेसीबी मशीनों को वहां से हटा लिया।
6 महीने पहले बनी सहमति का उल्लंघन?
संघर्ष समिति के राधे धायल ने बताया कि आज से 6 महीने पहले भी BDA ने चकगर्बी में कार्रवाई करते हुए मकान तोड़ने का प्रयास किया था। उस समय ‘चकगर्बी संघर्ष समिति’ के बैनर तले हजारों लोगों ने आंदोलन किया था। उस वक्त प्रशासन के साथ यह सहमति बनी थी कि जो लोग वहां बस चुके हैं, उनके घरों को नहीं तोड़ा जाएगा। धायल ने आरोप लगाया कि BDA प्रशासन अब वादाखिलाफी कर रहा है और चकगर्बी के निवासियों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
राधे धायल ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम जल्द ही एक बड़ी मीटिंग बुलाकर आगे की रणनीति तय करेंगे। गौरतलब है कि राधे धायल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीकानेर जिला संयोजक और प्रदेश संयोजक जैसे अहम दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं और चकगर्बी संघर्ष समिति के सबसे सक्रिय सदस्यों में से एक हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने अपना रवैया नहीं सुधारा, तो एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।






































