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Bikaner:-धर्मांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व पार्षद गिरफ्तार, 3 दिन की ED रिमांड पर

THE BIKANER NEWS:;-बीकानेर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीकानेर के पूर्व पार्षद और मौलवी मोहम्मद सादिक उर्फ सादिक खान को मनी लॉन्ड्रिंग और धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोपों में गिरफ्तार किया है। जयपुर जोनल ऑफिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

ED ने सादिक को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, सादिक पर सार्वजनिक दान की व्यवस्थित हेराफेरी, व्यापक नकद-आधारित आपराधिक गतिविधियां और संदिग्ध विदेशी संपर्कों के आरोप हैं।

आरोपी को 4 दिसंबर 2025 को जयपुर स्थित विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 6 दिसंबर 2025 तक ED की कस्टडी में भेज दिया है। अब एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी।

​जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सादिक ‘अल फुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट’ का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है और वर्तमान में ‘जमीयत अहले हदीस’ नामक एक एनजीओ (NGO) चलाता है।

​करोड़ों का लेन-देन: सादिक विभिन्न ट्रस्टों से जुड़े करीब 20 बैंक खातों का संचालन खुद करता था। इन खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
​जांच में पाया गया कि सादिक के ट्रस्टों को विदेश से कई व्यक्तियों द्वारा फंडिंग की जा रही थी। इस पैसे का उपयोग अवैध नेटवर्क और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने में किए जाने का संदेह है।
​डिजिटल सबूत बरामद: ED की छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं, जो सादिक के कई ट्रस्टों और संगठनों से सक्रिय जुड़ाव को साबित करते हैं।

ED अब 3 दिन की रिमांड अवधि के दौरान सादिक से विदेशी फंडिंग के स्रोतों और धर्मांतरण रैकेट के नेटवर्क को लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी। उम्मीद है कि इस जांच में और भी कई बड़े नाम और वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

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