इस गांव की बच्चियों को जाना पड़ता है पढ़ने के लिए 14 किलोमीटर दूर

जैसलमेर( कैलाश बिस्सा) राज्य सरकार एक तरफ तो बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा प्रशस्त करती है वहीं जैसलमेर के एक छोटे से गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के क्रमोन्नत की मांग लंबे समय से की जा रही इस संदर्भ में ग्रामीणों का कहना है जिला कलेक्टर से विधायक महोदय तक ध्यान आकृष्ट किया जा चुका है।

किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।मजबूरन ग्रामीण महिलाओं द्वारा विद्यालय का ताला जड़ दिया।
महिलाओं का कहना है एक तरफ राज्य सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करती है।
वहीं दूसरी तरफ इसी ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं का भविष्य अंधकारमय होता चला जा रहा है गांव के 14 किलोमीटर परिधि में कोई उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं है परिणाम स्वरूप 13 वर्षीय बच्ची को भेजना जोखिम भरा है ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए प्रशासन को आगाह किया है इस ग्राम में विद्यालय को उच्च माध्यमिक तक क्रमोन्नत नहीं किया तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा एक तरफ राज्य सरकार बेटियों को शिक्षित का नारा लगा रही वही दूसरी तरफ धरातल पर गोगादेव गांव को स्वयं की बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए उच्च अध्ययन हेतु आंदोलन को मजबूर होना पड़ रहा है।
गौरतलब है उच्च माध्यमिक विद्यालय हेतु उपरोक्त सभी मानदंड पूरे हो रहे है किंतु प्रशासन की गहरी नींद इन बालिकाओं के भविष्य को गर्त में जाने को मजबूर कर रहा है।





































