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RGHS में बड़ा खुलासा,पीबीएम के वरिष्ठ चिकित्सों के नाम और फर्जी मुहरों का उपयोग, बिना इलाज के उठा रहे थे पैसा, 7 डॉक्टर निलंबित और 19 पर FIR

THE BIKANER NEWS:-जयपुर/बीकानेर/भरतपुर: राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देश पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है और 19 संस्थानों/व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

कैसे होता था खेल?

​जांच में सामने आया कि कई निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर मिलीभगत कर सरकारी खजाने को चूना लगा रहे थे। मुख्य रूप से निम्नलिखित गड़बड़ियां पाई गईं:

  • फर्जी मुहरें और हस्ताक्षर: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के नाम और फर्जी मुहरों का उपयोग कर पर्चियां बनाई जा रही थीं। उन डॉक्टरों के नाम से भी पर्चियां काटी गईं जो उस समय अवकाश पर थे या वहां तैनात ही नहीं थे।
  • बीकानेर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि पर्चियों पर उनके नाम एवं सील पर हस्ताक्षर एवं लेखन उनके नहीं हैं। कुछ चिकित्सकों संबंधित अवधि में अवकाश पर थे या उस दिन ओपीडी में कार्यरत नहीं थे, फिर भी उनके नाम से पर्चियां एवं जांचें दर्शाई गईं। कुछ पर्चियों पर दर्शाए गए चिकित्सक उस समय पीबीएम अस्पताल में पदस्थापित ही नहीं थे या उनका पंजीयन बाद की तिथि का था।
  • अनावश्यक जांचें: बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर में मरीजों को जरूरत से ज्यादा टेस्ट लिखे गए। कई मामलों में टेस्ट की रिपोर्ट तक उपलब्ध नहीं थी।
  • दवाइयों का फर्जीवाड़ा: भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम और कशिश फार्मेसी ने मिलीभगत कर मरीजों की एसएसओ आईडी (SSO ID) और पासवर्ड लेकर फर्जी तरीके से पोर्टल पर दवाइयां और जांचें दर्ज कीं और भुगतान प्राप्त किया।
  • अवैध बोर्ड: कुछ अस्पतालों ने RGHS से अनुमोदित न होने के बावजूद बोर्ड लगाकर मरीजों को इलाज का झांसा दिया।

अब तक की बड़ी कार्रवाई

​सरकार ने इस भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आंकड़ों में भारी कार्रवाई की है:

  • कुल FIR: 19 दर्ज की गईं।
  • निलंबन: 7 डॉक्टर और 64 अन्य कार्मिक निलंबित।
  • कार्ड ब्लॉक: गड़बड़ी में शामिल 500 RGHS कार्ड्स को ब्लॉक किया गया है।
  • संस्थानों पर गाज: भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की कार्यवाही की जाएगी

निलंबित डॉक्टरों की सूची (प्रमुख नाम):

  1. ​डॉ. कमल कुमार अग्रवाल (मेडिकल कॉलेज, सीकर)
  2. ​डॉ. सुनील कुमार ढाका (मेडिकल कॉलेज, सीकर)
  3. ​डॉ. मुकेश वर्मा (मेडिकल कॉलेज, सीकर)
  4. ​डॉ. राकेश कुमार (सीएचसी, किरवा)
  5. ​डॉ. गजराज सिंह
  6. ​डॉ. एसएस राठौड़
  7. ​डॉ. सुनील शर्मा

विभाग का रुख: प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजना का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अस्पताल या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए ऑडिटिंग और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।

स्रोत: विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट और समाचार फीड (फरवरी 2026)

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