इस वजह से शहर कभी भी तब्दील हो सकता है समुन्द्र में

जैसलमेर( कैलाश बिस्सा) स्वर्णनगरी में प्रशासन कितना सतर्क है यह नजारा समुद्र से कम नहीं है ड्रेनेड के अभाव के चलते स्वर्णनगरी वाशिंदों को मौत का सामना भी करना पड़े तो संबंधित प्रशासन के क्या फर्क पड़ता है।

वर्षा का जल सैलाब इतना भयंकर होता है सड़कों बेतहाशा समुद्र के समान जलसैलाब में गहरे गड्ढे भी नजर नहीं आते है और इत्तफाक से किसी की जान भी चली जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
शहर के अमर सागर गेट गांधी चौक हनुमान चौराहा गांधी कॉलोनी और तो और अभी हाल ही में स्वर्णनगरी का एक मात्र जवाहिर चिकित्सालय पूर्ण रूप से परिसर मानो समुद्र में तब्दील हो चुका हो ऐसा दृश्य भी देखा गया आखिर संबंधित प्रशासन ने कौनसे ठोस कदम उठाए है यह एक सवालिया निशान है शहर में दुकानों में वर्षा का जलसैलाब का सामना करना पड़ा सही तरीके से ड्रेनेड के अव्यवस्था के चलते आम स्वर्णनगरी वाशिंदों के सामने जटिल समस्या से निकलना पड़ता है।
स्वर्णनगरी में भीषण वर्षा का दौर अब चालू होने वाला है देखना है संबंधित प्रशासन कितने पुख्ता कदम उठाता है स्वर्णनगरी वाशियो की सुरक्षा का कवच तो भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।


































