असामाजिक लोगो पर कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

जैसलमेर( कैलाश बिस्सा)

कुलदेवी श्री सच्चियाय माता मंदिर एवं पुजारी पर हमले के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों द्वारा अर्द्धरात्रि (तडके) पत्थरबाजी की घटना की पुनरावृति रोकने, पुलिस की रात्रि गश्त करवाने एवं असामाजिक तत्वों पर कानूनी कार्यवाही कर कानून का राज स्थापित करने के कम में।
- यह कि लौद्रवा और चूंधी गणेश मंदिर के बीच सम बाईपास रोड पर जैसलमेर से 14 किमी दूरी पर दसवी शताब्दी का पुरातन मंदिर श्री सच्चियाय माता स्थापित है। उक्त मंदिर बाहमण, माहेश्वारी, जैन, सोढा राजपूत माली आदि कई जातियों का कुल देवी मंदिर है।
- वर्तमान में इस मंदिर की देखभाल छांगाणी, गंढढिया, राठी, सारदा समाज द्वारा की जा रही है।
- यह कि इस मंदिर एवं पुजारी पर पूर्व में दिनांक 08.09.2025 को पत्थरबाजी कर पुजारी श्री बाबूराम माली निवासी अमरसागर के सिर पर चोट पहुंचाई गई जिसमें पुजारी के पांच टांके आये थे और उस वक्त भी इसकी सूचना श्रीमान सदर थानाधिकारी की दी गई थी लेकिन आपराधिक तत्वों की पहचान नहीं हो सकी । इस हमले में पुजारी की जान भी जा सकती थी। (फोटो संलग्न)
- यह कि दिनांक 04.10.2025 को तडके 2.30 प्रातः (अर्द्धरात्रि) वर्तमान पुजारी श्री देवपुरी महाराज निवासी नागौर पर असमाजिक तत्वों द्वारा मंदिर और पुजारी पर हमले के उद्देश्य से खंभे की लाईट बंद कर पुनः पत्थरबाजी की गई । (फेंके गये पत्थर के फोटो संलग्न मंदिर के पुजारी बाल बाल बच गये और उन्हें तडके 2.30 प्रातः (अर्द्धरात्रि) मंदिर छोड भागना पडा। भागकर उन्होंने पास में दो किमी स्थित श्री रामूराम की ढाणी में शरण ली। अंधेरा होने के कारण असामाजिक तत्वों की पहचान नहीं की जा सकी लेकिन श्रीमान द्वारा गहन जांच कर तड़के 2.30 प्रातः (अर्द्धरात्रि मंदिर परिसर में उपस्थित असामाजिक तत्वों की पहचान टॉवर और मोबाईल लोकेशन के आधार पर की जा सकती है।
- यह कि बार बार मंदिर और पुजारी पर हमले के कारण कोई भी पुजारी वहां रहना नहीं चाहता और वर्तमान पुजारी श्री देवपुरी अपनी जान का हवाला देकर अपने मूल निवास नागौर प्रस्थान कर गये है।
- यह कि दसवी शताब्दी से मंदिर की मूर्ति सुरक्षित है और इसके जीर्णोद्धार के पश्चात भी और पूर्व में भी देश विदेश से श्रद्धालु जन इस मंदिर में मुडन संस्कार, शादी के बाद कुलदेवी दर्शन एवं मन्नत पूरी होने पर प्रसादी आदि कार्यकम करने हेतु आते है। तब से लेकर पिछले वर्ष तक कभी चोरी पत्थरवबाजी आदि कोई
घटनाएं नहीं हुई है लेकिन इस वर्ष चोरी पत्थरवबाजी की घटनाएं हुई है जबकि वर्तमान में कानून का राज होने के बाद भी असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है।
- यह कि मंदिर में पुजारी नहीं होने की स्थिति में कुलदेवी की दैनिक आरती एवं पूजा, मंदिर परिसर में स्थित पेड पौधों के पानी एवं अन्य रख-रखाव में बाधा पहुंचती है और मंदिर में असामाजिक तत्वों का जमावडा एवं चोरी होने की संभावना रहती है। बार बार हमले के प्रयास के कारण अब कोई भी पुजारी वहां रहने को तैयार नहीं है।
- यह कि वर्तमान में द्वारा राशि एकत्र कर शीघ्र ही सी.सी.टी.वी. कैमरे लगवाने का प्रयास किया जा रहा है।
असााजिक तत्वों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही नहीं होने के कारण वे निरंकुश होकर हमले कर रहे है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि रिकार्ड होल्डर व्यक्तियों एवं अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर, गहन जांच कर असामाजिक तत्वों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाने की प्रार्थना है। इसके अलावा मंदिर परिसर क्षेत्र में रात्रि गश्त बढाई जाए, जिससे अपराधियों में भय और कानून का राज स्थापित हो।




































