Breaking:-बीकानेर आ रही स्लीपर बस और ट्रेलर में टक्कर,बस और यात्रियों का लाखों का सामान जलकर खाक

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:-बुधवार अलसुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जयपुर से बीकानेर आ रही मिलन ट्रेवल्स की स्लीपर बस और चारे से भरे ट्रेलर के बीच श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाइवे पर भीषण भिड़ंत हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। गनीमत रही कि बस में लगे आपातकालीन द्वार (Emergency Door) की वजह से समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना का विवरण
हादसा आज सुबह करीब 5:15 बजे सेसोमू स्कूल के पास हुआ। नाइट ड्यूटी ऑफिसर हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह काजला के अनुसार, पहले एक ट्रेलर अपने आगे चल रहे ट्रक से टकराकर हाइवे पर रुक गया। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्लीपर बस उस खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का ऑटो लॉक सिस्टम सक्रिय हो गया, जिससे दरवाजे जाम हो गए और यात्री अंदर फंस गए। देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया।
आपातकालीन द्वार बना जीवन रक्षक
आग तेजी से फैल रही थी और मुख्य द्वार लॉक हो चुका था। ऐसे विकट समय में बस के पीछे बना आपातकालीन द्वार यात्रियों के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ। इसी रास्ते से बड़ी मुश्किल से सभी सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस का कहना है कि यदि यह द्वार न होता, तो यह हादसा एक बड़ी जनहानि में बदल सकता था।
लाखों का नुकसान, हाइवे हुआ जाम
हादसे में बस और चारे से भरा ट्रेलर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। यात्रियों का लाखों रुपये का सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। बस चालक को चोटें आई हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर कर दिया गया है। घटना के कारण नेशनल हाइवे करीब दो घंटे तक बंद रहा, जिसे दमकल और अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने के बाद सुचारू किया जा सका।
सुरक्षा नियमों की सार्थकता सिद्ध
हाल ही में स्लीपर बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने आपातकालीन द्वार अनिवार्य किए थे। बस संचालकों के विरोध के बावजूद लागू किया गया यह नियम आज दर्जनों जिंदगियां बचाने में कामयाब रहा। श्रीडूंगरगढ़ की इस घटना ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानक केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने की अहम व्यवस्था हैं।



































