ओरण गोचर भूमि प्रकरण में मठ महंत ने जूतों का त्याग किया

जैसलमेर( कैलाश बिस्सा)

स्वर्णनगरी में वैशाखी मठ के महंत नारायण भारती जी ने ओरण गोचर भूमि को संरक्षित करने के लिए जूतों का त्याग कर दिया है
गौरतलब यह पावन भूमि वीरों की है कड़ी तपस्या के फलस्वरूप इस पावन भूमि के लिए त्याग और बलिदान की गाथाएं इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित है
प्रजातंत्र देश में जनता द्वारा चुने गईं सरकार में संतों द्वारा इस प्रकार का कदम उठाना यह इस राज्य का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है
यदि जनता की हित में निर्णय करने में सक्षम नहीं है तो निर्वाचन का क्या महत्व रह गया
स्मरण रहना चाहिए जनता के हित में निर्णय नहीं लेना तो भविष्य में प्रजा स्वयं का निर्णय अवश्य दे देगी


































