पुष्करणा सावा नजदीक,प्रशासन की ‘कछुआ चाल’ से बीकानेरवासी परेशान, टूटी सड़कें और ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई चिंता!

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर।
मरूनगरी बीकानेर अपनी अनूठी परम्पराओं के लिए विश्व विख्यात है। आगामी 10 फरवरी 2026 को शहर में ऐतिहासिक पुष्करणा सामूहिक सावे का आयोजन होने जा रहा है। इस दिन पूरा परकोटा एक छत और एक परिवार की तरह व्यवहार करता है। लेकिन, सावे की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, शहर की बदहाल व्यवस्था ने आमजन और विवाह वाले परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर
प्रशासन द्वारा शहर की साफ-सफाई, सड़कों और नालियों को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के भीतरी क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति ‘कछुआ चाल’ जैसी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सावे के चलते कई घरों और भवनों में मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने वाले हैं, लेकिन वहां की गलियों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं साफ सफाई की कोई उचित व्यवस्था नही है। मोहता चौक से नत्थूसर गेट जाने वाली और पुष्करणा स्कूल से एम एम स्कूल से होते हुए नत्थूसर गेट जाने वाली सड़क जगह जगह से टूटी पड़ी है साथ ही ,साले की होली दमानी चौक,बेनिसर बारी में ‘कचरे की अकूड़ी’ बिखरी रहती है पूरे दिन,
सांस फूलती ट्रैफिक व्यवस्था और जाम के हालात
टूटी सड़कों के साथ-साथ शहर की लचर ट्रैफिक व्यवस्था ने भी कोढ़ में खाज का काम किया है। परकोटे के संकरे रास्तों में अव्यवस्था के चलते दिन में कई बार भीषण जाम लग रहा है।
विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थिति बेहद खराब है:
तेलीवाड़ा से मोहता चौक
हर्षो और व्यासों का चौक
बारह गुवाड़
नत्थूसर गेट से गोकुल सर्किल जाने वाला मार्ग
इन मुख्य मार्गों पर घंटों जाम के हालात बने रहते हैं, यहां पर बने टैक्सी स्टैंड पर आड़ी तिरछी खड़ी टैक्सियों की वजह से भी आने जाने वालों को होती है परेसानी, जिससे न केवल सावे की तैयारियों में बाधा आ रही है, बल्कि आम राहगीरों और स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रशासन से स्वतः संज्ञान की अपील
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि वे इस मामले में स्वतः संज्ञान लें। सावे से पहले युद्धस्तर पर सड़कों के पैच वर्क, नालियों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस को सावे के सीजन को देखते हुए विशेष कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है, ताकि 10 फरवरी के ऐतिहासिक दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।




































