स्वर्णनगरी में शारदीय नवरात्रि पर्व के चलते हिंगलाज मंदिर जीवणीयाई बगेची प्रांगण में गरबा और डांडिया की धूम,

जैसलमेर (कैलाश बिस्सा)

सांझ ढलते ही सजने लगते हैं माता के पंडाल
ब्रह्मक्षत्रिय खत्री समाज गरबा समिति जैसलमेर के द्वारा 10 दिवसीय गरबो का आयोजन गरबा समिति अध्यक्ष श्रीमती नमिता जगदीश जी डलोरा व गरबा समिति टीम की देखरेख में करवाया जा रहा है हिंगलाज मंदिर जीवणियाई में नवरात्रि के अवसर पर प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात गरबा पंडाल में बच्चे, युवतियां व महिलाओं द्वारा पूर्ण भक्ति भाव से पारंपरिक वेशभूषा के साथ सजधज कर पांडाल में गरबा किया जा रहा है।
गरबा समिति अध्यक्ष श्रीमती नमिता जगदीश जी डलोरा ने बताया कि गरबो का आयोजन समस्त खत्री समाज जैसलमेर के भामाशाहों के सहयोग से किया जा रहा है व साथ मे पंडाल में जैसलमेर महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती उषा अनिल जी भूत, जीवणीयाई बगेची के महामंत्री श्री मोहनलाल भूत, गरबा समिति के संरक्षक श्रीमती कलावती डलोरा, श्रीमती योगिता छुछा, उपाध्यक्ष भवानी डलोरा, कोषाध्यक्ष श्री धनराज बिछड़ा, सचिव रोहित बिछड़ा, व्यवस्थापक श्री प्रेमराज बिछड़ा, कंचन बिछड़ा, मीडिया प्रभारी श्रीमती शांति बिछड़ा, सदस्य श्रीमती भावना डलोरा, श्रीमती कुसुम डलोरा, श्रीमती सिमरन छुछा, श्रीमती आशा बिछड़ा, श्रीमती नीलम गिराछ, श्रीमती सुमन भूत, श्रीमती नूतन डलोरा, श्री जितेन्द्र डलोरा, श्री सुंदरलाल बिछड़ा एवं श्रीमती चंद्रा दड़ा, आदि सबका कार्यक्रम के दौरान पांडाल में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
स्वर्णनगरी में इन दिनों शारदीय नवरात्रि पर्व के चलते गली मोहल्लों में गरबा व डांडिया की धूम है। शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में नवरात्रि महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसके चलते शाम होते ही नवरात्रि महोत्सव में आस्था व श्रद्धा का ज्वार उमड़ पड़ता है। गली मोहल्लों में गरबा व डांडिया की खनक सुनाई दे रही है। सांझ होते ही तैयार होने वाले सांस्कृतिक माहौल में मां दुर्गा के प्रति अगाढ़ श्रद्धा प्रदर्शित करने के लिए गरबा नृत्यों के दौरान काफी चहल पहल नजर आ रही है। तो वहीं ओढनी उड़े तो पांवागढ़ सू उत्तरी, अंबे जय जगदंबे माता, ओढनी उड़े तो उड़ उड़ जाए, केसरिया रंग लाग्यो ओला गरबा, गरबा में चपटी भरी चाख ने, पंखीड़ा ने उड़ना जावो जैसे गीतों पर डांडिया नृत्य करते युवा, किशोर, बालिकाओं व महिलाओ का उत्साह इन दिनों स्वर्णनगरी में श्री हिंगलाज मंदिर जीवणीयाई बगेची में भी गरबा देखने को मिल रहा है, प्रांगण में चल रहे गरबों को देखने गणमान्य समाज बंधु, पुरुष, महिलाएँ, युवतियां, बालिकाएं, युवा, बच्चे आदि की भीड़ उमड़ पड़ती है।।

































