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महाविद्यालय में अशैक्षणिक कर्मचारियों पर हो रहे शोषण को संज्ञान में लाते हुए कार्यवाही हेतु लिखा पत्र

THE BIKANER NEWS:-,बीकानेरविषय:अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर में 2005-06 में हुई 35 शिक्षकों की 3 साल की अनुबंधात्मक भर्ती विज्ञप्ति के बाद आज दिनांक तक उक्त लेक्चर/ सहायक आचार्यों द्वारा पद पर कार्यरत रहते हुए पूरा वेतन एवं अन्य परिलाभ उठाने के आधार पर वर्तमान अनुबंधात्मक अशैक्षणिक कर्मचारियों को भी समान रूप से सभी परिलाभ देने हेतु प्रतिवेदन पत्र

महोदय,
उपरोक्त विषयांतर्गत इस पत्र के माध्यम से आपके संज्ञान में लाते हुए कार्यवाही हेतु आपको यह पत्र प्रेषित हैं कि:

  1. तकनीकी शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक प.20 (2) त.शि./2003 जयपुर दिनांक 25 अगस्त 2004 के तहत अभियांत्रिकी महाविद्यालय में संविदा के आधार पर तीन साल पर स्थिर वेतन पर भर्ती करने की अनुमति प्रदान की गई थी।

2 . सन 2005-06 में अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर द्वारा 3 साल के अनुबंध पर 35 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी (कॉपी सलग्न न 1). उपरोक्त विज्ञप्ति के आधार पर महाविद्यालय ने 3 साल के अनुबंध पर भर्ती हुई, उदाहरण के तौर पर तथ्यों के साथ कुछ शिक्षक जैसे रानू लाल चौहान को कंप्यूटर साइंस विभाग , संदीप राकावत को इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग, सुरेंद्र तंवर को इलेक्ट्रिकल विभाग एवं अमित सोनी को गणित विभाग को 3 साल के लिए लेक्चरर के पद पर अनुबंधात्मक नियुक्ति दी गई थी (कॉपी सलग्न न 2). वर्तमान में सभी 35 अनुबंधात्मक शिक्षक नियुक्ति दिनांक से आज दिनांक तक अपने पद पर कार्यरत हैं. जबकि नियमानुसार तीन वर्ष के अनुबंध के बाद स्वत ही सभी अनुबंधात्मक शिक्षकों का अनुबंध समाप्त हो जाना चाहिए था परंतु इन शिक्षकों ने मिलीभगती एवं वित्तीय लेन देन कर आज दिनांक तक नियमित कार्मिक की तरह पद पर कार्यरत हैं।
महोदय महाविद्यालय एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 का उल्लंघन किया हैं. अनुच्छेद 14 एवं 16 के अनुसार समानता का अधिकार का ध्यान रखते हुए किसी भी संवैधानिक भर्ती के अनुसार जारी विज्ञप्ति में नियमित नियुक्ति के लिए जारी विज्ञप्ति के पश्चात ही कार्मिक को नियमित नियुक्ति दी जा सकती हैं । यही नहीं समय समय पर विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों में यह स्पष्ट आदेशित किया हैं कि किसी भी कार्मिक को नियमित पद पर नियुक्ति के लिए नियोक्ता को पारदर्शिता रखते हुए नियमित पद के लिए खुली भर्ती का विज्ञापन जारी करते हुए , सभी को समान अवसर प्रदान करते हुए भर्ती करना सुनिश्चित होगा। अगर उक्त प्रक्रिया अपनाए बिना भर्ती कर के चयन किया जाता हैं तो वह विधि विरुद्ध और अमान्य होगी।
महोदय आज दिनांक तक सभी अनुबंधात्मक शिक्षकों को पद पर बनाए रखना से स्पष्ट होता हैं कि उक्त अनुबंधित भर्ती के कार्मिको को अवैध तरीके से बैकडोर इंट्री कर अभियांत्रिक महाविद्यालय बीकानेर में सिंडिकेट अपराध किया गया है।

3.उक्त अनुबंधात्मक शिक्षकों द्वारा नियुक्ति दिनांक से ही अपने राजनीतिक रसूख व कुटरचित दस्तावेज तैयार कर, अधिकारीयों के साथ मिलीभगती कर के आजंदिनाक तक नियमित कर्मचारी की तरह कार्यरत होते हुए पूर्ण वेतन उठाते हुए करोड़ो रुपए का वित्तीय लाभ लिया हैं जोकि राज कोष की हानि हैं.
यही नहीं, उक्त अनुबंधात्मक शिक्षकों द्वारा महाविद्यालय से गलत तथ्य पेश कर एम.टेक और पीचडी में उच्च अध्ययन में जाने के लिए अपनी नियुक्ति को नियमित बताकर और झूठी अंडरटेंकिग देकर ये उक्त शिक्षक उच्च अध्ययन के लिये गये जोकि पूर्णतया नियम विरुद्ध हैं क्योंकि उच्च अध्ययन के लिए सिर्फ नियमित शिक्षकों को ही भेजा जा सकता हैं न कि अनुबंधात्मक शिक्षकों को। इस से यह स्पष्ट होता हैं कि इन अनुबंधात्मक शिक्षकों द्वारा अर्जित उच्च डिग्री भी अवैध हैं क्योंकि इन्होंने अपनी नियुक्ति को नियमित बताकर एवं गलत तथ्य पेश कर उपाधि प्राप्त करी है।

4.उक्त अनुबंधात्मक शिक्षक अपने राजनितीक रसूख से आज दिनांक को महाविद्यालय के महत्वपूर्ण पदो पर स्थापित है:
तकनीकी शिक्षा विभाग ने संदीप राका को तो बाड़मेर अभियांत्रिकी महाविद्यालय का प्राचार्य के पद पर नियुक्ति दे रखी हैं, ही अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर ने अमित सोनी को कुलसचिव का पद दे रखा रखा हैं, इसी के क्रम में सुरेंद्र तंवर को स्थापना शाखा का प्रभार दे रखा हैं एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इनको बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के अकादमिक काउंसिल का सदस्य नियुक्त कर रखा हैं और रानू लाल चौहान जिस की स्वयं की पीएचडी नहीं हैं उनको बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय ने पूरे राजस्थान के एम.टेक प्रवेश परीक्षा का संयोजक नियुक्त कर रखा हैं जो कि न सिर्फ तकनीकी शिक्षा के लिए एक हास्यापद बात हैं बल्कि नियम विरुद्ध हैं।

  1. महोदय से नम्र विनती हैं कि जैसे उक्त सभी अनुबंधात्मक शिक्षकों का अनुबंध 2008-09 में स्वत ही खत्म हो जाने के बाद भी इनको पद से मुक्त नहीं किया अपितु इनको आज दिनांक तक सभी वित्तीय लाभ के साथ साथ इन सभी शिक्षकों को सरकार के पैसे पर उच्च शिक्षा के लिए M.Tech एव Ph.D करवाई है उसी प्रकार हम अशैक्षणिक कर्मचारी जो पद के विरुद्ध 18 सालो से इसी अभियांत्रिकी महाविद्यालय में कार्यरत हैं, हमें भी पूर्ण वेतन के साथ सभी लंबित वित्तीय लाभ दिए जाए.
    जैसा कि विदित हैं कि समान काम , समान वेतन होता हैं वैसे ही उक्त शिक्षकों को 17 साल से दिए जा रहे वित्तीय लाभ की भाटी हम अशैक्षणिक कर्मचारियों को भी दिया जाए

नोट: उक्त वर्णित पत्र अघोहस्ताक्षर टीम द्वारा पूरे होस हवास में सभी तथ्यों के साथ प्रेषित किया जा रहे हैं और भविष्य में इस के संबंध में नीचे वर्णित अधिकारियों द्वारा अगर हमें इस की पुष्टि के लिए बुलाया जाएगा तो हम उस के सदैव हाजिर रहेंगे

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