स्याऊ बाबा परिसर में डेहरु माता मंदिर की आड़ में गौचर भूमि पर हो रहे है अवैध निमार्ण और कब्जे, प्रसाशन के ढीले रैवये पर उठ रहे है सवाल!

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर, मंदिर की आड़ में गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप,रोक के बाबजूद किया निर्माण कार्य, जिला प्रसाशन को अवगत करवाने के बाद भी नही हो रही उचित कार्यवाही, जिसके लिए आज जिला कलेक्टर को रिमाइंड ज्ञापन देने पहुचे प्राथिगण। एडवोकेट ब्रज मोहन पुरोहित ने बताया की NH 11 महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के पास स्थित गोचर भूमि खसरा नं. 8 /5 में डेरूमाता मंदिर की आड मे गोचर भूमि पर किये जा रहे अनाधिकृत कब्जे जिसको लेकर हम सब आज जिला कलेक्टर को एक रिमाइंड ज्ञापन देने आए थे, लेकिन कलेक्टर मोहदया की व्यस्तता के कारण मुलाकात नही हो पाई,हम फिर से उनसे मिलकर ज्ञापन देगे।

राजा बाबू मिलन पुरोहित ने बताया कि स्याऊ बाबा भैरवनाथ मंदिर जैसलमेर हाई वे एन एच 15 पर बीकानेर युनिवर्सिटी से करीब 500 मीटर दूर मुख्य हाई वे पर स्थित है उक्त स्याऊ बाबा सुरदासाणी पुरोहित के पूर्वज है ये प्रसिद्ध भैरव भक्त थे उक्त धाम करीब 400 वर्षों से अधिक पुराना है उक्त स्याऊ बाबा मंदिर का सम्वत् 2012
से पूर्व से ही राजस्व रिकॉर्ड मे इन्द्राज चला आ रहा है उक्त मंदिर परिसर मे स्याऊ बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष व सचिव द्वारा समस्त पुरोहित जाति की कुल देवी माता डेरू माता के मंदिर का 02 वर्ष पूर्व समाज के सहयोग से निर्माण किया गया था। वर्तमान मे उक्त मंदिर कुछ असामाजिक भू माफिया प्रर्वति के लोगो द्वारा आधिपत्य
करके उक्त मंदिर की आड मे एक काफी बडे गोचर के भू भाग पर तारबंदि करके व गोचर मे 7-8 बड़े बड़े कमरों का निर्माण करके कब्जा करने की नियत से गोचर भूमि का नष्ट व खुर्दबुर्द किया जा रहा है वर्तमान मे भी इन कब्जाधारी भु माफियों द्वारा दो बड़े बड़े कमरों व उसके आगे बरामदे व उसके आगे 25 गुणा 25 फूट की चौकी का अनाधिकृत रूप से निर्माण किया जा रहा है व उसके पास ही दो और बड़े कमरों का निर्माण करने के लिए नींव खुदवाना प्रारंभ कर दिया है। जबकि उक्त सम्पूर्ण भुमि गोचर की खसरा न. 8/5 की भूमि है इन लोगो के पास उक्त परिसर का कोई स्वत्व या राजस्व रिकॉर्ड मे इन्द्राज नही है हांलाकि समिति के अध्यक्ष द्वारा इन लोगो को
उक्त गैरकानुनी निर्माण गोचर भूमि पर करने से मना किया गया लेकिन उक्त लोग राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है व गुंडागर्दी पर आमदा है। उक्त अतिक्रमण की सूचना संबधित पुलिस थाना नाल व गोचर संरक्षण समिति के पदाधिकारियों व नाल ग्राम पंचायत के सरपंच को व्यक्तिगत रूप से मिलकर गोचर मे हो रहे उक्त अनाधिकृत निर्माण को व कब्जों को रूकवाने का निवेदन किया गया है लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा इन कब्जाधारियों व शरारती तत्वों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही कि जा रही है। यह कि स्याऊ बाबा मंदिर परिसर में एक बडी गौशाला का संचालन मुकुंदलाल पुरोहित व उनके सहयोगी द्वारा करीब पिछले 30-35 वर्षो से गोऊ माता की सेवा कि
जा रही है। जिसमें छोटे मोटे करीब 100 पशू है लेकिन एक तरफ हाइवे की पातिया लोहे की लगी है व दुसरी तरफ इन भू माफिया लोगो द्वारा काफी बडे भू भाग पर तारबंदी व पक्के निर्माण करने के कारण गौशाला में रह रहे पशूधन को खुले मे
विचरण का कोई स्थान नही रहा है। अभी गौशाला के ठीक पास मे ही पूर्व दिशा मे इन कब्जाधारियों द्वारा बड़े बड़े कमरे व उसके आगे बरामदें व उसके आगे बडी चौकी का निर्माण किया जा रहा है इसके आगे भी 20 गुणा 40 नींवे खुदवाई गई है इस प्रकार गोचर की भूमि को खत्म किया जा रहा है यदि इन लोगो को नही रोका गया या इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं की गई तो आईंदा भी ये लोग गोचर भूमि के काफी बड़े भू भाग के अनाधिकृत रूप से निर्माण करके खत्म कर देगें जिससे पशुधन को काफी क्षति पहुँचेगी व ऐसी प्रवर्ति के लोगो का हौसला भी बुलंद होगा। पुरोहित ने बताया कि दिनांक 02.06.2025 व दिनांक 03.06.2025 को हल्का पटवारी को उक्त
गैरकृति के लिए सांसद जनसेवा केन्द्र से सुचित करवाया गया व व्यक्तिगत भी मिलकर उक्त अनाधिकृत कब्जों को रूकवाने का निवेदन किया गया जिस पर हल्का पटवारी ने दिनांक 03.06.2025 को सांय: 07.00 बजे मौके पर उपस्थित होकर उक्त अनाधिकृत निर्माण को रूकवाया गया व उन्हें आंईदा उक्त स्थान पर कब्जा न करने की हिदायत दी गई उसके बावजुद दिनांक 03.06.2025 व दिनांक 04.06.2025 को रात को 08.00 बजे से सुबह 06.00 बजे तक रातभर निर्माण कार्य डेरूमाता सेवा समिति
के पदाधिकारियों व सदस्यों व 15-20 मजदुर व कारीगरों अर्थात् करीब 30-40 व्यक्तिया द्वारा मौके पर निर्माण कार्य जारी रखा है व खुलमखुला धमकिया दे रहे है कि हम तो ऐसे ही गोचर की भूमि पर कब्जा करेंगे क्योंकि हमारे पास प्रभावशाली व राजनैतिक समर्थन है। किसी भी अधिकारी को हमें रोकने की हिम्मत नही है। उक्त
डेरूमाता मंदिर मे लगे सीसीटीवी कैमरो को पीछे की तरफ वाले बंद कर दिये गए है व कैमरों मे दिनांक व समय के साथ छेडछाड डेरूमाता समिति के पदाधिकारियों द्वारा की गई है ताकि उनके द्वारा मंदिर के पीछे की तरफ गोचर भूमि मे किये जा रहे अनाधिकृत निर्माण व कब्जे जैसे कृत्य कैमरे मे कैद न हो सके। पूर्व में भी राजस्थान सरकार के जन सेवा केन्द्र के पोर्टल पर हम
प्रार्थीगण द्वारा दिनांक 09.06.2025, 11.06.2025, को तीन अलग-अलग शिकायते दर्ज करवाई गई थी। बावजुद उसके इन लोगो के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गई न ही
मौके से अनाधिकृत निर्माण को गैर कानुनी होते हुए भी हटाया गया । यह कि स्याऊ बाबा सेवा समिति के हम सदस्यगण के द्वारा उक्त गोचर भूमि में किए जा रहें अनाधिकृत कब्जों व गैर कानुनी निर्माण को रूकवाने व हटाने बाबत्दि दीनांक 05.08.2025 श्रीमान जिला कलेक्टर बीकानेर, दिनांक 28.07.2025 आयुक्त व सचिव बीकानेर डवल्पमेट ऑर्थटी बीकानेर, दिनांक 06.08.2025 तहसीलदार राजस्व बीकानेर व दिनांक 11.08.2025 श्रीमान सांसद सेवा केन्द्र बीकानेर व दिनांक 09.08.2025 श्रीमान संभागीय आयुक्त बीकानेर को व 18.08.2025 को श्रीमान् उपखंड अधिकारी बीकानेर (एस.डी.एम) बीकानेर को ज्ञापन पत्रों के जरिये अवगत करवाया जा चुका है उक्त प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा मोकें का निरीक्षण करवाया गया जिसमें उक्त संपुर्ण निर्माण गोचर भूमि में अनाधिकृत व गैर कानूनी होनी की रिर्पोट सक्षम
अधिकारियों के द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय व आयुक्त बीकानेर व एसडीएम बीकानेर के समक्ष अरसा करीब 1 माह पूर्व पेश की जा चुकी है लेकिन उक्त भुमाफीया किस्म के लोगो द्वारा अपने राजनैतिक सरक्षण का प्रभाव डाल कर उक्त कार्यवाही को रूकवा दिया गया है। चुंकि हम प्रार्थीगण पिछले 03 माह से उक्त गैर कानुनी कृत्य को रूकवाने व गोचर भुमि को पशुधन के लिए सुरक्षित करने हेतु प्रशासनिक अधिकारियों
के चक्कर निकाल रहे है लेकिन आज दिनांक 16-09-2025 तक उक्त लोगो के विरूद्ध कोई कार्यवाही अमल मे नही लाई गई है दिनांक 20.08.2025 को भुमाफिया प्रवृति के लोगो द्वारा गोचर मे बनाये गए कमरों मे फॉल सिलिंग का कार्य धडले से करवाया गया व उक्त कमरे मे 02 टन का ए.सी भी लगाया गया है इसके बाबत्
भोली भाली जनता से धर्म की आड मे अनाधिकृत रूप से रूपयों की वसूली की जा रही है। जिसके लिये सभी वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से ऑनलाईन चंदा प्राप्त किया जा रहा है। जिसका कोई हिसाब किताब नही रखा जा रहा है न ही कोई रसीद दी जा रही है उक्त अवैध वसूली को भी रूकवाया जाना अति आवश्यक हो गया
है । यह कि उक्त व्यक्ति काफी चतुराई से हमारे पूवर्ज स्याउ बाबा (भैंरू नाथ) के रियासत कालीन रेवेन्यु रिकॉर्ड की प्रतियाँ अपने ज्ञापनों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करके उन्हें भ्रमित किया जा रहा है। जबकि उक्त टाइटल
का डेहरू माता मंदिर से कोई लेना देना नही है क्योंकि उक्त डेहरू माता का मंदिर का अस्तित्व दिनांक 19.05.2023 अर्थात दो साल पूर्व ही हुआ है उसे पूर्व उक्त सम्पुर्णनपरिसर स्याउ बाबा मंदिर के नाम से ही जाना जाता रहा है। जिसके लिए आज हम सब प्राथिगण जिला कलेक्टर से निवेदन करने आये थे कि उक्त वर्णित गोचर भूमि के भु भाग पर तथाकथित डेरू माता सेवा समिति के पदाधिकारियों द्वारा बावजुद हल्का पटवारी के
रोकने पर उनके द्वारा किये गए कब्जे तारंबदी व अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त जमींदोजनकरवाया जावे व वर्तमान मे चोरी छिपे रात के समय किये जा रहे कब्जे को तुरंत प्रभाव से रूकवाया जावे व इन लोगो के विरूद्ध सरकारी भुमि पर किये गए कब्जों की बाबत्काननूनी कार्यवाही भी की जावे ताकि गोचर भूमि को पशुधन के लिए मुक्त करवाया जा कर संरक्षित सुरक्षित किया जा सके। प्राथिगण प्राथिगण राजा बाबू,रमेश पुरोहित,
विष्णुदत पुरोहित, पंडित मिलन पुरोहित,
भाया महाराज,पंडित कैलाश पुरोहित,
पंडित गौरीशंकर पुरोहित, पंडित भँवरलाल पुरोहित, पंडित मुनेश पुरोहित, पंडित अमित पुरोहित, एडवोकेट ब्रज मोहन पुरोहित आदि साथ रहे





































